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सत्यनारायण कथा का महत्व एवं परंपरा

2025-10-22 3 मिनट

सत्यनारायण कथा भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप को समर्पित है। यह कथा परंपरा के अनुसार पूर्णिमा तिथि, नई शुरुआत अथवा किसी शुभ अवसर पर आयोजित की जाती है।

कथा श्रवण के पश्चात प्रसाद (पंजीरी) वितरण की परंपरा है, जिसे परिवार एवं आमंत्रित अतिथि ग्रहण करते हैं।

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अपनी आवश्यकता, तिथि एवं स्थान बताएं — पंडित रामनारायण मिश्रा शीघ्र ही आपसे संपर्क करेंगे।

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