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विवाह / वैदिक विवाह सेवाएं

परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार सहित विवाह संस्कार — गणेश पूजा से लेकर सप्तपदी एवं कन्यादान तक, प्रत्येक अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जाता है।

विवाह अनुष्ठान की मुख्य विधियां

गणेश पूजा एवं मंडप पूजा

विवाह के शुभारंभ में गणेश पूजन एवं मंडप पूजा परंपरा के अनुसार सम्पन्न की जाती है ताकि सम्पूर्ण विवाह अनुष्ठान निर्विघ्न पूर्ण हो।

वैदिक विवाह विधि

वेद-मंत्रों के साथ वर-वधू का विवाह संस्कार परंपरा के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है।

विवाह हवन

अग्नि को साक्षी मानकर विवाह हवन परंपरा के अनुसार सम्पन्न किया जाता है।

फेरे (परिक्रमा)

अग्नि के चारों ओर सात फेरों की परंपरागत विधि वैदिक मंत्रोच्चार सहित सम्पन्न कराई जाती है।

सप्तपदी

सात वचनों के साथ सप्तपदी विवाह संस्कार का एक महत्वपूर्ण एवं परंपरागत भाग है।

कन्यादान विधि

कन्यादान संस्कार परंपरा के अनुसार श्रद्धा एवं भावनात्मक महत्व के साथ सम्पन्न कराया जाता है।

मुहूर्त परामर्श

विवाह हेतु शुभ मुहूर्त निर्धारण में पंचांग के अनुसार परामर्श दिया जाता है।

मुहूर्त एवं तिथि निर्धारण परंपरा के अनुसार पंचांग को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। विस्तृत जानकारी हेतु पंडित जी से संपर्क करें।

वैदिक विवाह पूजा सामग्री सूची

इस पूजा की संपूर्ण सामग्री सूची — प्रिंट कर के साथ रख सकते हैं (PDF, निःशुल्क)।

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विवाह पूजा से जुड़े प्रश्न

मुहूर्त निर्धारण, पूजन सामग्री एवं व्यवस्था हेतु पर्याप्त समय पहले पंडित जी से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

जी हाँ, विवाह तिथि एवं मुहूर्त हेतु परामर्श अलग से लिया जा सकता है। कृपया संपर्क करें।

यह परिवार की परंपरा एवं अनुष्ठान की विस्तृति के अनुसार भिन्न हो सकता है। विस्तृत जानकारी हेतु पंडित जी से चर्चा करें।

अपनी पूजा परंपरा के अनुसार, श्रद्धा के साथ बुक करें

अपनी आवश्यकता, तिथि एवं स्थान बताएं — पंडित रामनारायण मिश्रा शीघ्र ही आपसे संपर्क करेंगे।

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